बस्ती: कुदरहा में शिक्षा का मंदिर कलंकित, बच्चों का निवाला डकार गया ‘राशन चोर’ मास्टर!
कट्या पंडित स्कूल में 'राशन माफिया' का तांडव: रामनयन पाठक ने बेचा बच्चों का हक। भ्रष्टाचार का 'ब्लैक होल' बना कुदरहा: बीईओ की सेटिंग से जाँच की फाइल पर छिड़की गई राख।
अजीत मिश्रा (खोजी)
कुदरहा में बच्चों का निवाला डकार गया ‘राशन चोर’ मास्टर, बीईओ की ‘सेटिंग’ से जाँच पर फिरा पानी । साहब को मिला ‘हिस्सा’ या मास्टर का रसूख भारी? बच्चों के पेट पर लात मारकर भर रहे अपनी तिजोरी।
- BEO छनमन प्रसाद की ‘लिपापोती’ एक्सप्रेस: गुनहगार मास्टर को जाँच के नाम पर दिया अभयदान। गुरु नहीं, यह तो ‘राशन चोर’ है! बच्चों के राशन की बंदरबांट का पर्दाफाश।
- सावधान! बस्ती शिक्षा विभाग के ‘सफेदपोश लुटेरे’ बेनकाब, आखिर कब गिरेगी गाज? खंड शिक्षा अधिकारी की मेहरबानी या भ्रष्टाचार में साझेदारी? जनता ने घेरा।
- सरकारी तेल और राशन की डकैती! बीईओ साहब बने ‘ईमानदारी’ का चोला ओढ़े मददगार। डीएम साहब ध्यान दें! क्या राशन माफिया मास्टर और भ्रष्ट बीईओ का गठबंधन टूटेगा?
- आखिर किसका हाथ है इस लुटेरे मास्टर के सिर पर? कुदरहा में नियम-कानून ताक पर। जाँच या मखौल? बीईओ छनमन प्रसाद ने रजिस्टर में की लीपापोती, क्या यही है न्याय?
बस्ती। जनपद के कुदरहा विकास खंड अंतर्गत शिक्षा के मंदिर से एक ऐसा कलंकित करने वाला मामला सामने आया है, जिसने विभाग की शुचिता और ईमानदारी के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। प्राथमिक विद्यालय कट्या पंडित में तैनात शिक्षक रामनयन पाठक पर बच्चों के हक के राशन को डकारने और उसे बाजार में बेच खाने का गंभीर आरोप लगा है। विडंबना देखिए कि जहाँ नौनिहालों के पोषण की जिम्मेदारी गुरु के कंधों पर थी, वहीं ‘राशन चोर’ मास्टर ने बच्चों के पेट पर लात मारकर अपना घर भरने का घृणित काम किया है।
साहब को मिला ‘हिस्सा’, तभी तो कार्रवाई पर लगा ‘किस्सा’?
इस पूरे प्रकरण में खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) छनमन प्रसाद की भूमिका सबसे अधिक संदिग्ध और सवालों के घेरे में है। भ्रष्टाचार की शिकायत के बाद जब साहब जाँच करने पहुँचे, तो उम्मीद थी कि दोषियों पर गाज गिरेगी, लेकिन आरोप है कि बीईओ ने ‘खुली सेटिंग’ के तहत रजिस्टर में भारी लीपापोती कर डाली। रसूख और रुपयों की खनक के आगे अधिकारियों की कलम इस कदर लड़खड़ाई कि गुनहगार को कार्रवाई के बजाय अभयदान दे दिया गया। क्षेत्र में चर्चा आम है कि क्या साहब को उनका ‘हिस्सा’ मिल चुका है, इसीलिए वे भ्रष्टाचार में साझीदार बनकर बैठे हैं?
सफेदपोश लुटेरों का गठबंधन
सरकारी तेल और राशन की बंदरबांट में मस्त शिक्षा विभाग के ये सफेदपोश लुटेरे अब जनता की रडार पर हैं। कुदरहा ब्लॉक में भ्रष्टाचार का तांडव इस कदर व्याप्त है कि नियम-कानून ताक पर रखकर खुलेआम वसूली और गबन का खेल चल रहा है। ईमानदारी का चोला पहनकर भ्रष्टाचार की वैतरणी पार कर रहे बीईओ साहब जाँच के नाम पर महज खानापूर्ति कर रफूचक्कर हो रहे हैं। सवाल यह है कि आखिर इस ‘राशन माफिया’ मास्टर के सिर पर किसका हाथ है, जो प्रशासन को भी ठेंगा दिखा रहा है?
डीएम साहब! कब तक कटेगी भूखे बच्चों के हक पर मौज?
एक तरफ प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की बात करती है, वहीं दूसरी ओर कट्या पंडित स्कूल का यह कांड सरकार की साख पर बट्टा लगा रहा है। बच्चों की हाय और चोरी की कमाई से अपनी तिजोरी भरने वाले इस शिक्षक और उसे बचाने वाले मददगार अधिकारियों पर आखिर गाज कब गिरेगी?
स्थानीय जनता अब जिलाधिकारी से मांग कर रही है कि इस ‘भ्रष्ट गठबंधन’ को बेनकाब किया जाए और बच्चों के हक पर डाका डालने वाले मास्टर व भ्रष्ट बीईओ के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। यदि जल्द ही इन ‘लुटेरों’ पर लगाम नहीं लगी, तो शिक्षा विभाग के प्रति जनता का विश्वास पूरी तरह से उठ जाएगा।















